Gurugram: बिजली फाल्ट से नहीं रुकेगी पानी की सप्लाई, GMDA की नई योजना से मिलेगी राहत
इन नए संयंत्रों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, GMDA एक अलग 66 केवी का नया सब-स्टेशन भी बनाएगा। इस दूरगामी परियोजना पर लगभग 17.33 करोड़ खर्च होंगे, जिसे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है।

Gurugram News Network – गुरुग्राम के निवासियों के लिए अच्छी खबर है! अब चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में बिजली संबंधी गड़बड़ियों के कारण पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने संयंत्र की यूनिट एक, दो और तीन के लिए मौजूदा 66 केवी सब-स्टेशन में एक नया स्पेयर-बे बनाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना पर करीब 1.91 करोड़ का खर्च आएगा।
नया स्पेयर-बे बिजली प्रणाली में किसी भी खराबी की स्थिति में प्रभावित इकाई को तुरंत वैकल्पिक आपूर्ति से जोड़ने में मदद करेगा, जिससे पानी शोधन का कार्य अप्रभावित रहेगा। GMDA के अधिकारियों ने बताया कि इस स्पेयर-बे में ट्रांसफार्मर सहित अन्य आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे और इसका टेंडर जारी कर दिया गया है। कार्य आवंटित होने के बाद एजेंसी को इसे छह महीने में पूरा करना होगा।
गुरुग्राम की बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए, चंदू बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में अतिरिक्त विस्तार किया जा रहा है। 100 एमएलडी क्षमता की चौथी यूनिट पहले ही चालू हो चुकी है, जबकि पांचवीं यूनिट पर काम चल रहा है और इस साल के अंत तक इसके पूरा होने का लक्ष्य है। GMDA छठी यूनिट लगाने की भी तैयारी कर रहा है।
इन नए संयंत्रों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, GMDA एक अलग 66 केवी का नया सब-स्टेशन भी बनाएगा। इस दूरगामी परियोजना पर लगभग 17.33 करोड़ खर्च होंगे, जिसे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है। यह नया सब-स्टेशन भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शहर में वर्तमान में चंदू बुढ़ेरा और बसई संयंत्रों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। चंदू बुढ़ेरा की यूनिट-4 के चालू होने से शहर की कुल जलापूर्ति 570 एमएलडी से बढ़कर 670 एमएलडी हो गई है, जिससे सेक्टर 81-115 और पुराने गुरुग्राम के क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में सुधार हुआ है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि 2031 तक गुरुग्राम में 1170 एमएलडी जलापूर्ति की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए GMDA पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए चंदू में यूनिट-5 (100 एमएलडी) का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने और डब्ल्यूटीपी बसई की यूनिट-4 (100 एमएलडी) के लिए टेंडर जारी करने की योजना है,

जिसमें तीन दिन की पानी स्टोरेज क्षमता भी होगी। GMDA लगातार नए संयंत्रों के निर्माण और पेयजल नेटवर्क को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है ताकि नागरिकों को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके।











